जैन शास्त्र एवं ग्रन्थ

प्राचीन जैन आगम, शास्त्र और आचार्यों द्वारा रचित महान ग्रन्थों का संग्रह। अध्ययन करें और PDF डाउनलोड करें।

छहढाला

छहढाला

कविवर पंडित दौलतराम जी
सन 1834

'छहढाला' जैन धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है, जिसके पूर्वार्ध में जीव के संसार में भटकने और उसके दुखों के कारणों (अज्ञानता व मिथ्यात्व) का विश्लेषण किया गया है, जबकि उत्तरार्ध में 12 भावनाओं, सात तत्वों और रत्नत्रय के माध्यम से मोक्ष मार्ग का मार्गदर्शन किया गया है।