जैन दर्शन: मौलिक शाश्वत सत्य, सार्वभौमिक नियम एवं परम विज्ञान

जैन दर्शन: मौलिक शाश्वत सत्य, सार्वभौमिक नियम एवं परम विज्ञान

भाग 1: जैन दर्शन की शाश्वतता एवं मौलिक पहचान 1.1 भ्रांतियों का निवारण: संस्थापक एवं उत्पत्ति आधुनिक विमर्श में जैन दर्शन की पहचान को लेकर दो मूलभूत भ्रांतियाँ प्रचलित हैं। प्रथम, यह कि जैन धर्म, हिन्दू (ब्राह्मण) धर्म की एक शाखा अथवा सुधारवादी आन्दोलन है; और द्वितीय, यह कि इस धर्म की स्थापना लगभग 2500 […]