जैन दर्शन: मौलिक शाश्वत सत्य, सार्वभौमिक नियम एवं परम विज्ञान

भाग 1: जैन दर्शन की शाश्वतता एवं मौलिक पहचान 1.1 भ्रांतियों का निवारण: संस्थापक एवं उत्पत्ति आधुनिक विमर्श में जैन दर्शन की पहचान को लेकर दो मूलभूत भ्रांतियाँ प्रचलित हैं। प्रथम, यह कि जैन धर्म, हिन्दू (ब्राह्मण) धर्म की एक शाखा अथवा सुधारवादी आन्दोलन है; और द्वितीय, यह कि इस धर्म की स्थापना लगभग 2500 […]
भगवान महावीर जन्मभूमि – एक ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विवेचना

एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के रूप में, भगवान महावीर का अस्तित्व अकादमिक रूप से सुस्थापित है, तथापि उनके जन्म के सटीक स्थान को लेकर विभिन्न परम्पराओं में मतभेद रहा है। यह विवेचना पुरातात्विक साक्ष्यों, प्राचीनतम साहित्यिक स्रोतों और ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर इस प्रश्न का समाधान प्रस्तुत करती है कि क्या आधुनिक बिहार में वैशाली […]